Tech Update | Detailed About Metaverse - Sunrise Computer
METAVERSE
METAVERSE | INTRODUCTION
एक ऐसी दुनिया है जिसका कोई अंत नहीं है। यानि यह अंतहीन, सीमाओं से परे आभासी दुनिया होगी जो हम इंसानों को असल दुनिया के जैसा जीवन वर्चुएल दुनिया में जीने का मौका देगी। वर्चुएल रियलिटी, ऑग्मेंटेड रियलिटी, मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया, गेमिंग, सोशल लाइफ, दैनिक जीवन का एक मिश्रण है Metaverse. फेसबुक कंपनी के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग के द्वारा एक ऐसा प्लेटफार्म विकसित किया जा रहा है, जो कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को एडवांस लेवल में इस्तेमाल करने का अवसर प्रदान करेगा, जहां पर कोई वस्तु नहीं होगी और ना ही हकीकत जैसी कोई चीज होगी लेकिन वो सभी चीजें रियल जैसी होंगी हम सब उसे ऐसा महसूस करेंगे जैसे कि हम अपनी असल जिंदगी में महसूस करते हैं। फेसबुक कंपनी के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग के द्वारा एक ऐसा प्लेटफार्म विकसित किया जा रहा है, जो कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को एडवांस लेवल में इस्तेमाल करने का अवसर प्रदान करेगा, जहां पर कोई वस्तु नहीं होगी और ना ही हकीकत जैसी कोई चीज होगी लेकिन वो सभी चीजें रियल जैसी होंगी हम सब उसे ऐसा महसूस करेंगे जैसे कि हम अपनी असल जिंदगी में महसूस करते हैं। मेटावर्स दो शब्दों से जुड़कर बना हुआ है Meta + Verse, जहां Meta का मतलब है ‘परे’ (Beyond) और Verse शब्द Universe से लिया गया है। जिसका मतलब है ‘ब्रह्मांड‘ (Universe).
METAVERSE | मेटावर्स शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई
नील स्टीफनसन जो अमेरिका के एक साइंस फिक्शन उपन्यासकार है, उन्होंने अपनी नोवेल “Snow Crash” में पहली बार मेटावर्स शब्द का उपयोग किया था। इस नोवेल में उन्होंने दर्शाया था कि कैसे लोग अपनी असल दुनिया से वर्चुअल दुनिया में प्रवेश करते है। इस नोवेल को 1992 में प्रकाशित किया गया। साइंस फिक्शन से जुड़ी चीजों के बारे में जानने के लिए लोग आज भी इस नोवेल को पढ़ना पसंद करते हैं। इसके साथ ही इस नोवेल में साइंस के अलावा क्रिप्टोकरेंसी, धर्म और फिलॉसफी तथा कंप्यूटर से जुड़ी बातें भी बताई गई है।
METAVERSE | फेसबुक का नया नाम क्या है?
मार्क जुकरबर्ग ने 28 अक्टूबर 2021 को फेसबुक को Meta नाम से बदला। यह मेटावर्स के ऊपर कई महीनों से अपनी स्पीच और इंटरव्यू में बता रहे थे कि ये फेसबुक को रीब्रांड करना चाहते है। यानि कि फेसबुक को सोशल मीडिया नेटवर्क से बदलकर अलग तरह की कंपनी मेटावर्स कंपनी बनाना चाह रहे हैं।
METAVERSE | मेटावर्स हमारे जीवन में कब तक प्रवेश करेगा
मेटावर्स हमारे जीवन में कब तक आ जाएगा अभी इस बात की पुष्टि नहीं की गई है, इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसे बनने में कुछ साल लग सकते हैं। हालांकि, ऑनलाइन खेले जाने वाले गेम्स में ये टेक्नोलॉजी कुछ हद तक आ गई है जो कि काफी नहीं है, मेटावर्स आपके हमारे सोच से परे हैं। फेसबुक के CEO मार्क जुकरबर्ग ने मेटावर्स को संभव करने के लिए 50 मिलियन डॉलर खर्च करने की बात की है और फेसबुक कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए 10 हजार टेक्निकल इंजीनियर को नौकरी पर रखा है।
METAVERSE | मेटावर्स दिखने में कैसा रहेगा
मेटावर्स की 3D टेक्नोलॉजी जैसे प्लेटफार्म पर हम अपना खुद का अवतार बना सकेंगे, जो बिल्कुल हमारे जैसा ही दिखेगा और उसमें हमारे जैसे ही फिजिकल अपीरियंस रहेंगे, इसके साथ ही हम अपने बनाए हुए अवतार के जरिए दूसरों के बनाए गए अवतार से वर्चुअली कनेक्ट हो सकेंगे। मेटावर्स का रूप तो वर्चुअल होगा लेकिन ऐसा प्रतीत होगा जैसे मानो हम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं असल दुनिया में एक साथ एक जगह पर बैठकर गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
METAVERSE | मेटावर्स की 3D दुनिया कैसी रहेगी
सभी ने बॉलीवुड की फिल्म अवतार जरूर देखी होगी, मेटावर्स की 3D दुनिया को अवतार फिल्म में बखूबी दिखाया गया है। इस तकनीक को हकीकत में लाने के लिए बहुत सारे क्षेत्र की कंपनियां जैसे कि हॉस्पिटैलिटी, टेलीकॉम, बैंकिंग, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर आदि कंपनियों को मिलकर एक ईको सिस्टम डिवेलप करना होगा तब जाकर ये तकनीक इस्तेमाल करने योग्य होगी।
METAVERSE | मेटावर्स से हमारे जीवन में क्या बदलाव आएगा
आज के समय में देखा जाए तो हर व्यक्ति की जिंदगी साकार रूप से व्यतीत हो रही है। आज मेटावर्स तकनीक को लेकर केवल वर्चुअल दुनिया की कल्पना की जा रही है। इस टेक्नोलॉजी के बारे में बताया जा रहा है कि मनुष्य अपने घर बैठे अपने पसंद की हर एक वस्तु और दुनिया में अपनी पसंद की किसी भी जगह पर जाकर लाइव आनंद उठा पाएगा। मेटावर्स को वर्चुअल दुनिया इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इसके आने के बाद लोगों के पलक झपकाते ही उनकी मनपसंद चीज उनके सामने मौजूद होगी। आज के दौर में हम इंटरनेट के माध्यम से वीडियो कॉल से ऑनलाइन लाइव शो का लुफ्त उठाते हैं। इस तकनीक के आने के पश्चात हम अलग ही तरीके से अपना जीवन व्यतीत करेंगे. इस तकनीक के जरिए डिजिटल क्लोथिंग का भी जमाना देखने को मिलेगा, मतलब कि आप फिजिकल रूप से तो अपने घर में ही बैठे होंगे लेकिन डिजिटल उपकरणों की मदद से आपको वर्चुअल दुनिया में घुमाया जाएगा।
METAVERSE | मेटावर्स का एहसास कैसा रहेगा
मेटावर्स और कुछ भी नहीं बल्कि सोशल मीडिया का ही एडवांस रूप है। हम सभी इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप सभी सोशल मीडिया नेटवर्किंग वेबसाइट पर क्या करते हैं, एक दूसरे से चैटिंग करते हैं, एक दूसरे को वीडियो कॉल्स करते हैं। हम सभी ने जूम या गूगल मीट पर मीटिंग जरूर की होगी, वहां पर हमें पता होता है कि सामने वाला इंसान कैमरा के उस पार है हमारे पास नहीं है लेकिन मेटावर्स इसी समस्या को दूर करेगा। हम सभी ने काफी सारी साइंस फिक्शन फिल्में देखी होंगी जहां पर मेटावर्स का ही कांसेप्ट देखने को मिलता है। आने वाले समय में जब मेटावर्स हम सभी के बीच होगा तब हम केवल एक हेडफोन पहनकर वर्चुअल दुनिया में जा पाएंगे। ये एक तरह की कंप्यूटर-जेनरेटेड दुनिया होगी जहां पर हम अपना रोजमर्रा का काम करेंगे हालांकि कार्य की कुछ सीमाएं भी होंगी हम अपने सगे संबंधियों और दोस्तों के पास होने का अनुभव कर पाएंगे और इसके अलावा एक बंद कमरे में रहकर नई दुनिया में घूमने का एहसास भी करेंगे।
METAVERSE | मेटावर्स से क्या कोई खतरा?
बीते कुछ दिनों में प्राइवेसी को लेकर सरकार और फेसबुक/टि्वटर के बीच कई मुद्दे उठे। इस प्रकार वर्चुअल दुनिया की बात आते ही सबसे पहले दिमाग में प्राइवेसी को लेकर कई सवाल आते हैं, हर व्यक्ति अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रखना चाहता है कोई भी व्यक्ति नहीं चाहेगा की कोई दूसरा व्यक्ति उसकी प्राइवेसी का हनन करें। मेटावर्स वो टेक्नोलॉजी है जहां वर्चुअल और रियल दुनिया के बीच कोई फर्क नहीं रह जाएगा। ऐसे में जानी मानी बात है कि जब इतने व्यापक रूप से टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा तो प्राइवेसी का खतरा तो बढ़ेगा ही, कंपनी हमारे निजी बातचीत और निजी डेटा पर नियंत्रण कर सकेगी।
METAVERSE | मेटावर्स की विशेषताएं और फायदे
मेटावर्स के हमारे जीवन में आने से उसके कुछ फायदे में मिलेंगे जो कि निम्न प्रकार है:-
- मेटावर्स के जरिए हम अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ वर्चुअली गेट टुगेदर कर पाएंगे।
- इसकी मदद से हम किसी भी वर्चुअल कंसर्ट पर जा सकते है, किसी भी तरह की यात्रा कर सकते है, कलाकृति को देख और बना सकते है, इसके अलावा बिजनेस करना व मीटिंग अटेंड करना काफी हद तक आसान हो जाएगा वही इस तरह के काफी काम मेटावर्स के जरिए संभव हो पाएगा।
- इसकी सहायता से हमें वर्चुअल जिंदगी और असल जिंदगी के बीच का सही अंतर समझ आएगा।
- मेटावर्स एक तरह से इंटरनेट का अपडेट वर्जन है, इसकी सहायता से हम एक दूसरे से दूर होकर भी वर्चुअल दुनिया में एक दूसरे को छू सकते हैं, महसूस कर सकते हैं, हाथ मिला सकते हैं, जिससे वर्चुअल दुनिया की दूरी असल दुनिया से एकदम खत्म हो जाएगी।
- इस वर्चुअल टेक्नोलॉजी के जरिए व्यक्ति हर तरह की डिवाइस यहां तक कि घर और गाड़ी जैसी चीजों को भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के द्वारा खरीद सकेगा।
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